यात्रा - तुलसी वहाँ न जाईए
संत तुलसीदास जी ने कहा है कि "आवत ते हरखे नहीं, नैनन नहीं सनेह तुलसी वहाँ न जाईए, कंचन बरसे नेह" इन पंक्तियों का निहितार्थ जानने के लिए पढ़ें ये रचना और स्वयं तय करें ?
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शबनम
“शबनम” यानी की ओस की बूँद यही नाम रखा था अब्बू ने उसका। उस ओस की बूँद को आँख का आँसू बनने में ज़्यादा वक़्त न लगा। मगर हर दर्द सहकर भी उसने अपने अश्क़ अपने में ही जब्त कर लिए।
#Influencer #Hindi #Romance
कालक्रम
देखने में प्राय सुखद लगने वाला और दुखद लगने वाला ,दोनो एक दिन एक जैसे लगने लग जाते हैं , काल और नियति मानव जीवन में बडी भूमिका निभाते हैं ,पढिए छोटी कहानी में ...!
#Life #Time
उसके डैड की मुहब्बत, भाग- 5 ( अंतिम भाग)
क्या रुही अपनी मंज़िल पर पहुँच जाती हैं?
##adoption #माता-पिता
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