rashi sharma
rashi sharma 22 Dec, 2022 | 0 mins read

सहम गई.........................

ऐ वो ड़र नहीं जो ड़रा दें, ऐ तो ड़र है उन लोगों से कि कहीं वो, हार मान कर मुझे ही ना ड़रा दें.

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rashi sharma
rashi sharma 21 Dec, 2022 | 0 mins read

ज़रा सा............

ज़रा सा.......................

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rashi sharma
rashi sharma 15 Dec, 2022 | 1 min read

सब कुछ अलग था.................

सब कुछ अलग था.

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rashi sharma
rashi sharma 14 Dec, 2022 | 0 mins read

गलतफहमियां...................

नशा सिर्फ पीने में नहीं, जीने में भी है, चलो सच ना मानों, गलतफहमी का मज़ा शक में ही है.

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rashi sharma
rashi sharma 13 Dec, 2022 | 1 min read

सब लेखक है.....................

सब लेखक है.

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rashi sharma
rashi sharma 11 Dec, 2022 | 0 mins read

दरिया...................

दरिया और सैलाब खूबसूरत भी और तबाही भी.

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rashi sharma
rashi sharma 10 Dec, 2022 | 0 mins read

अहंकार ही खता...................

अहंकार, गुरूर, घंमण्ड़ बहुत खराब है, इंसान समझता है ऐ ही उसके हथियार है, तबाह कर देते है ऐ जीते जी, मरने के बाद भी सज़ा सुनाते है.

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rashi sharma
rashi sharma 09 Dec, 2022 | 0 mins read

तेरी आरज़ू..........................

तेरी आरज़ू.................

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rashi sharma
rashi sharma 08 Dec, 2022 | 0 mins read

अब तक.....................

सबकी अपनी ज़ात है, सबकी अपनी सोच, कोई रखता है जोड़ कर हर याद, कोई फेंक देता है जैसे वो चीज़ है बेमोल.

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rashi sharma
rashi sharma 07 Dec, 2022 | 0 mins read

स्याही बिखेर कर..................

स्याही बिखेर कर बहुत कुछ कमा लिया, घर बनाया, दौलत कमाई, रूताबा हासिल किया, मगर खुद के एहसासों को मार दिया.

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