rashi sharma
rashi sharma 30 Aug, 2022 | 0 mins read

अप्रवासी..............

कौन रोक सकता है जाने वाले को, जब मन बना ही लिया है उसने समुद्र पार करने का, तो भला कोई कैसे रूक सकता है, देख के नम आँखों को.

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rashi sharma
rashi sharma 29 Aug, 2022 | 0 mins read

वाबस्ता.................

हर कोई किसी ना किसी से ज़ड़ा हुआ है, चाहे - अनचाहे बंधा हुआ है, कोशिश कर लो कितना ही छुड़ाने की, बांधने वाले ने बड़ी तसल्ली से पकड़ रखा है.

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Saket Ranjan Shukla
Saket Ranjan Shukla 29 Aug, 2022 | 1 min read

गुम हैं होश-ओ-हवास मेरे

गुम हैं होश-ओ-हवास मेरे

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Vinita Tomar
Vinita Tomar 29 Aug, 2022 | 1 min read

पानी और मेरा जीवन !!

पानी की महत्ता और जीवन की धारा को एक साथ प्रदर्शित करती ये काव्य प्रस्तुति।

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Shweta Gupta
Shweta Gupta 28 Aug, 2022 | 1 min read

जल है तो कल है

जल है तो कल है

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Ruchika Rai
Ruchika Rai 28 Aug, 2022 | 0 mins read

दुख और प्रेम

दुख और प्रेम

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