Dr.Shweta Prakash Kukreja
05 Sep, 2022 | 1 min read
rashi sharma
03 Sep, 2022 | 1 min read
मैं सीढी.............
हार - जीत से दूर में लोगों का साथ निभाता हूँ, मंज़िल दूर ही सही में हर प्रयास में ड़ट कर खड़ा रहता हूँ, मैं सीढी कितनों का सफर आसान करता हूँ.
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rashi sharma
02 Sep, 2022 | 1 min read
"मुस्कान"
जैसे ग़म की वजह तलाशते हो,मुझे भी तलाशों, कहीं खो ना जाऊँ मैं, मुझे पर भी ध्यान लगाओं.
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rashi sharma
01 Sep, 2022 | 0 mins read
जलसमाधि................
माना कि कुदरत की हर चीज़ बेहद सुन्दर है, ज़िंदा रहने के लिए इसकी बेहद ज़रूरत है, लेकिन क्या करें जब ये ही बिगड़ जाए, कितनी भी मिन्नतें कर लो, ये अपनी पर अड़ जाएं.
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