Shakeb
26 Jul, 2019 | 1 min read
Shah طالب अहमद
24 Jul, 2019 | 0 mins read
Sawli zulfe
वो सादगी में भी क़हर ढाती हैं । सर्द की पहली धूप सी नज़र आती हैं । सांवली जुल्फ़े । हया से मिलके । जो वो खुल के मुसकुराती हैं । जिस से भी मिलती हैं , जीने का मकसद दे जाती हैं । ऐसी मिसाल हैं वो , जो आजकल कम पाई जाती हैं ।
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Chirayu
16 Jul, 2019 | 1 min read
“Message” (Read & Act to save humanity)
“Message” (Read & Act to save humanity)
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Nidhi Singh
13 Jul, 2019 | 0 mins read
तुम मेरे हॊ
ज़िन्दगी में कभी कुछ नहीं बदलता , शिवाय नज़रिये के ।।
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Muktesh Mohan
13 Jul, 2019 | 0 mins read
Mausam
अब तो मान जा यार तू कितना बेरहम हैं। तेरी वजह से एक बार भीग चुका मेरा शहर , अब क्या सबको डुबोने का मन हैं ।
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