rashi sharma
20 Aug, 2022 | 1 min read
Saket Ranjan Shukla
19 Aug, 2022 | 1 min read
rashi sharma
18 Aug, 2022 | 1 min read
"मुझे मेरी फिक्र हैं"
माना कि मैं हमेशा शांत नहीं रहता, मगर पहले जितना जिंदादिल भी नहीं रहता, बेपरवाही मेरी ही पहचान है, अब देखों मैं मौसम खुद से ही अंजान है.
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rashi sharma
17 Aug, 2022 | 1 min read
समय का कर्म............
संवारने को आऊँ तो ज़मीन के तिनके को भी आसमान पर टांग दूँ, मैं समय सबका नसीब संवार दूँ, ना हुक्म सुनता हूँ ना अर्ज़ी, मन का मालिक हूँ मैं एक जगह टिकता भी नहीं मैं.
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