"किसानों का दर्द "
जो खुद मेहनत करता है, लाखों का पेट भरता है, लगन देखों उसकी, ना थकता है और ना ही शिकायत करता है, सब्र कर हर सफर पार करता है.
वो किसान
कहते हैं भारत बहुत गरीब है लेकिन यह सच नहीं। सच यह है कि यहां अमीरी और गरीबी का अन्तर इतना अधिक है। ऐसा हर व्यवसाय और काम में है। और किसान भी इससे अछूता नहीं रहा।
#reality of ground #farmers #rich or poor
किसान बिल, 2020:- कृषकों के हित के लिए है अथवा अहित के लिए?
A write- up on farmers' bill, 2020
#Farmers' bill, 2020
किसान उगाता है तो देश खाता है
किसानों का मानना है कि इस कानून के द्वारा चोर दरवाजे से कृषि क्षेत्र में निजीकरण का प्रवेश कराया जा रहा है जिसके दीर्घकालिक परिणाम अच्छे नहीं होंगे।किसानों और कृषि कानून के बीच में चल रहे अंतर्द्वंद्व पर एक ज्वलंत आलेख
##Current affairs
अन्नदाता की मुश्किल
एक किसान फसल को अपने लहू से सींचता है उसके दिनचर्या में आने वाली मुश्किलों को बताता हुआ आलेख .... और वह हमेशा अन्नदाता बना रहता है
##khadi boli ##culture ##farmer
किसान
किसानों को अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाने का पूरा अधिकार है। निजीकरण से कभी भी आम आदमी का भला नहीं हुआ है।
#Constitution #Rights #Farmer
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