प्रतिकूल धाराएं और जीवन
साधारणतया हम अपने परिवार की छत्रछाया में रहते हैं। जहां हमारे माता-पिता, हमारे भाई बहन हमें हर तरह से आलंबन देते हैं। मां हमारे स्वास्थ्य का प्रेम पूर्वक ख्याल रखती है।
संस्कृतभाषायाः वैशिष्ट्यम्
राष्ट्रस्य परमोन्नतस्थानस्य प्राप्त्यर्थम् उत्तमं साधनं भवति संस्कृतम् । यदा यदा राष्ट्रस्य पुनरुद्धरणप्रक्रिया आसीत् तदा तदा यस्य कस्यापि संस्कृतज्ञस्य दायः तत्र लीनः स्यात् यथा चन्द्रगुप्तकाले चाणक्यस्य । राष्ट्रं सहजम् इति कारणेन राष्ट्रनिर्माणम् इति प्रयोगः असाधुः भवति । राष्ट्रं स्वसंस्कृतिद्वारा, संस्कृतिः स्वाभाषाद्वारा एव जीवति इत्यतः राष्ट्रोज्जीवनाय संस्कृतोज्जीवनं प्रथमं प्रधानं सोपानम् । पूर्वं भारतं जगद्गुरुः आसीत् ।
श्री अरुण जेटली
जेटली जी का सरल स्वाभाव उनके विशाल व्यक्तित्व में चार चाँद लगाता था। युवाओं के आदर्श जेटली जी की मदद करने की आदत उन्हें और भी प्रमुख बनाती है जैसा कि सबको ज्ञात है कि कॉलेज के दिनों में उन्होंने श्री रजत शर्मा जी की अक्सर मदद किया करते थे, चाहे वो आर्थिक रूप से हो या एक दोस्त के रूप में हो, यही मदद आज शायद एक महान पत्रकार को जन्म देती है और देश को गौरवान्वित होने का अवसर देती है। ऐसे पुरोधा व्यक्तित्व को कोटि कोटि नमन!!