Jaya Ashish Choubey
09 Sep, 2020 | 1 min read
Preeti Gupta
09 Sep, 2020 | 1 min read
Shubhangani Sharma
09 Sep, 2020 | 1 min read
Poonam chourey upadhyay
09 Sep, 2020 | 0 mins read
"सावन और माँ के हाथ की चाय"
सावन आते ही माँ के हाथ की चाय और समोसे याद आ जाते हैं।
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Tulika Das
09 Sep, 2020 | 1 min read
एक-दूसरे में हम शामिल भी तो है ।
यादों में तुम्हारा आना-जाना जारी भी तो है छूकर गुजरती है जो हवाएं हमें , सांसे उनमें हमारी शामिल भी तो है ।
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ARCHANA ANAND
09 Sep, 2020 | 1 min read
भाग्यरेख
मजदूर पिता और पुत्र के बीच एक भावुक संवाद करती मर्मस्पर्शी कविता
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ARCHANA ANAND
09 Sep, 2020 | 1 min read
बरमूडा त्रिकोण
जैसे लेता हो आकार कोई कन्या भ्रूण किसी अंधेरे प्रसूतिगृह में उपेक्षित पड़ी माता के गर्भ में... यदि आप कविताएं पढ़ने का शौक रखते हैं तो इसे ज़रूर पढ़ें ?
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Sonnu Lamba
09 Sep, 2020 | 0 mins read
प्रकृति
प्रकृति की प्रत्येक घटना, कितनी सुन्दर, कितनी प्यारी
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Varsha Sharma
09 Sep, 2020 | 1 min read
जंजीरों मे ना जकड़ूँगी
अपनी कविता के माध्यम से नारी को निर्जीव वस्तु समझने वालों के खिलाफ जंग#poetry
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आशिक़ी ऐसे ही उड़ान भरती है
Saket Ranjan Shukla
24 Jul, 2026 | 1 min read