Poonam chourey upadhyay
Poonam chourey upadhyay 09 Sep, 2020 | 0 mins read

"सावन और माँ के हाथ की चाय"

सावन आते ही माँ के हाथ की चाय और समोसे याद आ जाते हैं।

Reactions 1
Comments 0
738
Tulika Das
Tulika Das 09 Sep, 2020 | 1 min read

एक-दूसरे में हम शामिल भी तो है ।

यादों में तुम्हारा आना-जाना जारी भी तो है छूकर गुजरती है जो हवाएं हमें , सांसे उनमें हमारी शामिल भी तो है ।

Reactions 1
Comments 0
1021
ARCHANA ANAND
ARCHANA ANAND 09 Sep, 2020 | 1 min read

भाग्यरेख

मजदूर पिता और पुत्र के बीच एक भावुक संवाद करती मर्मस्पर्शी कविता

Reactions 1
Comments 0
692
ARCHANA ANAND
ARCHANA ANAND 09 Sep, 2020 | 1 min read

बरमूडा त्रिकोण

जैसे लेता हो आकार कोई कन्या भ्रूण किसी अंधेरे प्रसूतिगृह में उपेक्षित पड़ी माता के गर्भ में... यदि आप कविताएं पढ़ने का शौक रखते हैं तो इसे ज़रूर पढ़ें ?

Reactions 0
Comments 0
707
Sonnu Lamba
Sonnu Lamba 09 Sep, 2020 | 0 mins read

प्रकृति

प्रकृति की प्रत्येक घटना, कितनी सुन्दर, कितनी प्यारी

Reactions 2
Comments 4
745
Varsha Sharma
Varsha Sharma 09 Sep, 2020 | 1 min read

जंजीरों मे ना जकड़ूँगी

अपनी कविता के माध्यम से नारी को निर्जीव वस्तु समझने वालों के खिलाफ जंग#poetry

Reactions 0
Comments 0
692