Shubhangani Sharma
Shubhangani Sharma 02 Dec, 2020 | 0 mins read

दर्द की ज़ुबाँ

दुख हो या दर्द समय के साथ गुज़र जाता है, दर्द में कोई साथ ना हो तो जीवन बिखर जाता है।।

Reactions 3
Comments 2
728
Shubhangani Sharma
Shubhangani Sharma 02 Dec, 2020 | 1 min read

गहरा रंग

हम नाराज़गी के आगे सब भूल जाते हैं, क्यों इस तरह रिश्तों को आज़माते हैं।।

Reactions 2
Comments 0
773
Bhavna Thaker
Bhavna Thaker 02 Dec, 2020 | 1 min read

किसान

किसान

Reactions 1
Comments 0
660
Sonnu Lamba
Sonnu Lamba 02 Dec, 2020 | 1 min read

माटी पुत्र

किसान के मन के हर्ष और विषाद..कितने बेसिक होते हैं, महसूस किजीए... हालांकि इस कविता में वर्तमान बिल का कोई जिक्र नही है, ये आम दिनो की व्यथा है, कोन्टेस्ट में, मैं लिख चुकी हूं, ये मेरी दूसरी रचना है, जिसको राजनिति से इतर रखा है..! पढिए जरूर..!

Reactions 1
Comments 2
828
Saket Ranjan Shukla
Saket Ranjan Shukla 01 Dec, 2020 | 1 min read

वक़्त अपना, ख़ुद बदलो

जीत तुम्हारी है अगर तुम चाह लो

Reactions 0
Comments 0
586
Shubhangani Sharma
Shubhangani Sharma 01 Dec, 2020 | 0 mins read

मेरा बुत

मुझे बदलना जो चाहो तो, खुद भी बदल जाना, लेकिन जो बदलने की ज़रूरत हो, तो तुमने मुझे कहाँ जाना।।

Reactions 3
Comments 3
813

Latest stories

avatar

बंटवारा

Sanjay Uplana 08 Feb, 2026 | 0 mins read