ARCHANA ANAND
04 Feb, 2021 | 1 min read
ARCHANA ANAND
04 Feb, 2021 | 1 min read
पाषाण
मनुष्य के पल पल बदलते भावों और स्वभाव की पड़ताल करती कविता
1
0
701
ARCHANA ANAND
04 Feb, 2021 | 1 min read
समिधा
पुरुषों के निर्वाण का पथ हर युग में स्त्रियों की समाधि से होकर गुजरता रहा है... स्त्रियों के अभिशप्त जीवन पर लिखी मार्मिक कविता
1
0
693
Saket Ranjan Shukla
04 Feb, 2021 | 1 min read
नहीं चाहिए तुम अब
शर्तों वाली मोहब्बत नहीं चाहिए मुझे
0
0
617
ARCHANA ANAND
04 Feb, 2021 | 1 min read
सलाख़
स्त्रियों पर होते अत्याचारों की करुण गाथा कहती रचना
1
0
665
Latest stories
आशिक़ी ऐसे ही उड़ान भरती है
Saket Ranjan Shukla
24 Jul, 2026 | 1 min read