rashi sharma
rashi sharma 08 Dec, 2022 | 0 mins read

अब तक.....................

सबकी अपनी ज़ात है, सबकी अपनी सोच, कोई रखता है जोड़ कर हर याद, कोई फेंक देता है जैसे वो चीज़ है बेमोल.

Reactions 0
Comments 0
1047
rashi sharma
rashi sharma 06 Dec, 2022 | 1 min read

मैं वैसी ही हूँ..................

मैं वैसा ही हूँ.

Reactions 0
Comments 0
755
rashi sharma
rashi sharma 01 Dec, 2022 | 0 mins read

पल दो पल.................

समय तय है हर चीज़ का, वहम ना पाले कोई अमर होने का, खुद पर आ जाए तो वो क्या ना कर दें, इंसानों के अहम को हवा कर दें.

Reactions 0
Comments 0
783
rashi sharma
rashi sharma 30 Nov, 2022 | 1 min read

शायरों की बस्ती....................

वो गली हमारी है, जहां हम और हमारी कलम रोज़ाना कुछ नया लिखते है, कुछ सुना देते है लोगों को, कुछ को ज़हन में ही दफन कर देते है.

Reactions 0
Comments 0
1008
rashi sharma
rashi sharma 25 Nov, 2022 | 0 mins read
Reactions 0
Comments 0
694
rashi sharma
rashi sharma 24 Nov, 2022 | 0 mins read

बिगड़ता नहीं मैं..................

ना बुरी लत है, ना ही समय की बेकद्ररी, मैं हूँ समझदार सा, बिगड़ैल नहीं.

Reactions 0
Comments 0
742