Neha
Neha 11 Aug, 2019 | 1 min read
The pain of friendship

The pain of friendship

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Neha
Neha 11 Aug, 2019 | 1 min read
My sweet dreams with my mother ??

My sweet dreams with my mother ??

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Neha
Neha 11 Aug, 2019 | 1 min read
Love... Dream And passion!!

Love... Dream And passion!!

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Hari
Hari 11 Aug, 2019 | 1 min read
Balak vidya

Balak vidya

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Aman G Mishra
Aman G Mishra 10 Aug, 2019 | 1 min read

परसाई

हरिशंकर परसाई आज हरिशंकर परसाई जी की पुण्यतिथि पर उनको सादर नमन! हिंदी व्यंग्य की दुनिया में जब भी घुसा जायेगा, परसाई ही परसाई मिलेंगे। मैंने उनकी पहली रचना 'टेलीफोन' पढ़ी थी, जिसके बाद खुद मुझे व्यंग में काफी रूचि बढ़ गयी थी। उसके बाद मैंने उनके द्वारा लिखे गए कई व्यंग पढ़े। आज के साहित्य में वैसा व्यंग मिलना दूभर है, परसाई जी के व्यंग में खास बात ये थी कि वो तमाचा जिसे मारते थे, ताली भी वही बजाता था, बाद में पता चलता कि अरे! मेरी ही खिल्ली उड़ गई। उनके व्यंग्यात्मक निबंधों में सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष देखने को सहज ही मिल जाता है। परसाई जी हिंदी साहित्य जगत में व्यंग के लिए एक अमिट छाप हैं, उनके बिना व्यंग अधूरा है।

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Hari
Hari 10 Aug, 2019 | 1 min read
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Fictionfeelingandlove
Fictionfeelingandlove 10 Aug, 2019 | 1 min read

Real Motivation is in you ❤❤

Real Motivation for the one who loose their heart too soon. Don't feel the defeat so early. The brightest stars comes from worst background.

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Aman G Mishra
Aman G Mishra 09 Aug, 2019 | 1 min read

ग़ज़ल

ग़ज़ल

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Aman G Mishra
Aman G Mishra 09 Aug, 2019 | 1 min read

मन

मन बहुत अधीर है, चंचल हुआ ये नीर है। मन में अमन नही, अमन में मन नही, कैसा ये संयोग है, या कहूँ वियोग है। मन से अमन का... मन को अमन चाहिए, अमन को मन चाहिए, ये कैसा बेजोड़ है, कैसा बेमिसाल है जो प्रेम है , जो नेम है, बिछड़ाव , मन से अमन का... मन मानता नही, अमन की सुनता नही, फिर भी, मन चाहता है अमन, पर अमन से दूर ही , खोया रहता है, जैसे इश्क़ हो गया हो, मन से अमन का... अमन के मन में , अमन नही, जैसे सागर के , तल में जल नही फिर भी अलग है, या एक हैं, अमन भी जानता नही, ये लगाव, मन से अमन का... ©aman_g_mishra

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Hari
Hari 25 Jul, 2019 | 1 min read
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