Aman G Mishra
09 Aug, 2019 | 1 min read
मन
मन बहुत अधीर है, चंचल हुआ ये नीर है। मन में अमन नही, अमन में मन नही, कैसा ये संयोग है, या कहूँ वियोग है। मन से अमन का... मन को अमन चाहिए, अमन को मन चाहिए, ये कैसा बेजोड़ है, कैसा बेमिसाल है जो प्रेम है , जो नेम है, बिछड़ाव , मन से अमन का... मन मानता नही, अमन की सुनता नही, फिर भी, मन चाहता है अमन, पर अमन से दूर ही , खोया रहता है, जैसे इश्क़ हो गया हो, मन से अमन का... अमन के मन में , अमन नही, जैसे सागर के , तल में जल नही फिर भी अलग है, या एक हैं, अमन भी जानता नही, ये लगाव, मन से अमन का... ©aman_g_mishra
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Aman G Mishra
25 Jun, 2019 | 1 min read
चाँद : एक विरह
चाँद! चाँद! चाँद! का ख्वाब देखने वालों, चाँद से किसीका घर रोशन नही हो सकता। -Aman G Mishra
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Komal Mittal
14 Feb, 2019 | 1 min read
TYPES OF RELATIONSHIPS
Article on types of relationships
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