फिर जो बादल बरसे
का बरखा जब कृषि सुखाने
#Life stories #Monsoon vows #Stories by Sushma #Rural stories #Farmer
बारिश में भींगना अच्छा लगता है।
भींगना बारिस में एक उत्सव है लेकिन गंदगी की बारिश में भीगते नित शहर मजबूरी।
वो काग़ज की कश्ती
बचपन कहीं नहीं जाता, बस हम भूल जाते है। हम बड़े कभी नहीं होते बस हमे याद दिलाया जाता है कि तुम बड़े हो गए हो
#Motivational #Never give up #Stories by Sushma #Paperboat #Monsoon
"ये मोह मोह के धागे "
सिर्फ मोह के धागे से बंधे रिश्तों की उम्र ज्यादा नहीं होती । ऐसी डोर एक ना एक दिन कमजोर पड़ कर खुद टूट जाती है और तब तक शायद खुद को समेटने के लिए बहुत देर हो चुकी होती है।
आधी हकीकत आधा फ़साना
कभी कभी हम अपने आपसे ही बेखबर रहते हैं बार बार कोई अलौकिक शक्ति हमें हमसे मिलवाने को कोशिश करती हैं हमारे अधूरी दस्ता पूरी करने के लिए
स्वाधीनता संग्राम
दादा जी स्वतंत्रता सेनानी थे तो मेरा भी फर्ज बनता है देश के लिए। एक लड़ाई आज मैं भी छेड़ता हूं भ्रष्टाचार के खिलाफ
#Corruption #War against corruption
रिश्तों की नोकझोंक।...
इल्ज़ाम के दौर में एहतराम किसे पसंद आता है। मज़ाक की हद रखें , कम अग़र सब्र का माद्दा है। गिरेबान में खुद के कहाँ किसी ने झांका है। गलतियों की फेहरिस्त में खुदको सबने कम आंका है। अपनी और अपनों की गलती में,होता अपना ही घाटा है। ऐसे हालातों में रिश्ता तो रहता है ,मगर भरोसा टूट जाता है।
#Sourabh
आख़िर क्यों सुशांत?
अच्छा नहीं होता यूँ चुपचाप चले जाना बहुत मुश्किल है दिल को समझाना
##Social issues
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