Smriti Jadia
28 Jun, 2020 | 1 min read
Smriti Jadia
28 Jun, 2020 | 1 min read
आधी हकीकत आधा फ़साना
कभी कभी हम अपने आपसे ही बेखबर रहते हैं बार बार कोई अलौकिक शक्ति हमें हमसे मिलवाने को कोशिश करती हैं हमारे अधूरी दस्ता पूरी करने के लिए
0
0
808
Smriti Jadia
24 May, 2020 | 0 mins read
वो घूरती आँखे
हमें अक्सर समझया जाते हैं दुनिया बुरी हैं बच के रहो पर ये दुनिया बुरी क्यों हैं ये लोग क्यों नहीं सोचते इसे बुरा बनाता कौन हैं
0
0
1444
Smriti Jadia
17 May, 2020 | 1 min read