Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 15 Aug, 2024 | 1 min read

आज़ादी अभी बाकी है...

कहने को तो आज़ाद हैं हम, पर आज़ादी अभी बाकी है, ये मैं नहीं इस देश की बेटियाँ बताती हैं ।

##let's start

Reactions 1
Comments 0
718
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 27 Jan, 2024 | 1 min read

विश्वंभरा

धरणी तुम धन्य हो।

##save our planet

Reactions 0
Comments 0
692
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 19 Jan, 2024 | 1 min read

ठिठुरन भरी ठंड

मौसम तो प्रकृती का व्यवहार है । प्रकृती हमेशा से ही कलम को गति देने वाला विषय रहा है। हम सब जानते हैं कि मौसम में बदलाव के वैज्ञानिक कारण होते हैं परंतु कलम उसका मानवीकरण कर उसके साथ अठखेलियां करती है ।

Reactions 1
Comments 1
645
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 24 Aug, 2023 | 0 mins read

मुठ्ठी भर आशाएँ

अक्सर सभी ने सुना होगा कि आपको आपसे बेहतर कोई नहीं जानता ,इसीलिए अपनी क्षमताएं पहचानिए और हर रोज़ आगे बड़ते रहिए ।

Reactions 0
Comments 0
621
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 10 Apr, 2023 | 1 min read

सूरज

सबका अपना-अपना नज़रिया होता है चीजों और लोगों को देखने का ।

##Sunrise

Reactions 0
Comments 0
610
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 23 Feb, 2023 | 1 min read

दिल और दिमाग

यहाँ दिल और दिमाग के जैविक पहलु पर ध्यान ना देते हुए बस दोनों का भावनात्मक संवाद हुआ है ।

Reactions 0
Comments 0
644
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 26 Jan, 2023 | 0 mins read

हुनर

हुनर को पहचानने का हुनर भी बेमिसाल हुनर है ।

##Sunrise

Reactions 0
Comments 0
643
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 26 Jan, 2023 | 0 mins read

बचपन

ज़िंदगी का एक सुकून भरा स्वर्णिम अंश

Reactions 0
Comments 0
624
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 18 Dec, 2022 | 1 min read

एक लड़की

क्या सभी छोटी बहनें ऐसी ही होती हैं ?

Reactions 2
Comments 0
758
Aarti Kushwah
Aarti Kushwah 15 Dec, 2022 | 1 min read

क़िरदार

अपनी ज़िंदगी को ज़ाया मत कीजिए । मानव होने का क़िरदार ईमानदारी से निभाइए और मानवता को सरोकार कीजिए ।

Reactions 0
Comments 0
694