Juhi Prakash Singh
Juhi Prakash Singh 01 Aug, 2022 | 1 min read
Let's Do This
Narender Rana ( Niru )
Narender Rana ( Niru ) 01 Aug, 2022 | 1 min read

मैं मुस्कुराता हुं

मैं मुस्कुराता हुं ( Poetry/ shayari)

Reactions 1
Comments 0
305

"बचपन में"(कविता)

बचपन में बालक सभी गमों से दूर भोलेपन और मस्त माहौल में समय बिताता है।

Reactions 0
Comments 0
724
rashi sharma
rashi sharma 31 Jul, 2022 | 0 mins read

"दहलीज़ को इंतज़ार"

खामोश चीज़े भी बात करती है, हमसे पूछों कितने सवालात करती है, ऊबने नहीं देती किसी को कभी, ना जाने कैसी - कैसी बात करती है.

Reactions 0
Comments 0
706
Shivani (Paakhi)
Shivani (Paakhi) 30 Jul, 2022 | 1 min read

औरत

ये जवाब है उस हर सवाल का जो उन औरतों आँखों में आते हैं जिनकी आँखें देखती हैं पिंजरों से बाहर के आसमान और आज़ादी को... वो जानना चाहती हैं उनके हिस्से ये जो भी आया है उसका आखिर बंटवारा किसने किया था?....पढ़िएगा ?

Reactions 0
Comments 0
569
Ruchika Rai
Ruchika Rai 30 Jul, 2022 | 0 mins read

बचपन

बचपन

Reactions 0
Comments 0
418
rashi sharma
rashi sharma 30 Jul, 2022 | 1 min read

गुज़रते दिन...............

सुबह होती है, शाम होती है, ज़िन्दगी यूँ ही तमाम होती है.

Reactions 0
Comments 0
790