rashi sharma
25 Jul, 2022 | 0 mins read
rashi sharma
22 Jul, 2022 | 1 min read
घर...........
जज़्बात भी है, एहसास भी है, हर कोना मेरे लिए खास भी है, जब भी लौटते है घर वो ऐसे पास बुलाता है, सूरज छुप जाता है तब तक, लेकिन घर हमें चारों ओर से झांकता है.
0
0
609
Saket Ranjan Shukla
22 Jul, 2022 | 1 min read
फ़िर न करेंगे गलती मोहब्बत की
फ़िर न करेंगे गलती मोहब्बत की
1
0
703
rashi sharma
21 Jul, 2022 | 1 min read
इसके बाद............
आज और अभी है, ज़िन्दगी इसी में तो सिमटी है, जो भी हो बस खुश रहो, जिसने दी है उसे शुक्रिया कहो.
0
0
766
Latest stories
आशिक़ी ऐसे ही उड़ान भरती है
Saket Ranjan Shukla
24 Jul, 2026 | 1 min read