Saket Ranjan Shukla
22 Jul, 2022 | 1 min read
rashi sharma
21 Jul, 2022 | 1 min read
इसके बाद............
आज और अभी है, ज़िन्दगी इसी में तो सिमटी है, जो भी हो बस खुश रहो, जिसने दी है उसे शुक्रिया कहो.
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rashi sharma
20 Jul, 2022 | 0 mins read
कब तक.............
इतना ना आज़माओं के हम थक जाए, कोशिश भी थक हार कर बैठ जाए, ए खुदा कहीं बहुत अच्छे के इंतजार में, ऐसा ना हो कि असफलता के घाव से, सफलता का एहसास ही खत्म हो जाए.
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