rashi sharma
25 Jul, 2022 | 0 mins read
rashi sharma
22 Jul, 2022 | 1 min read
घर...........
जज़्बात भी है, एहसास भी है, हर कोना मेरे लिए खास भी है, जब भी लौटते है घर वो ऐसे पास बुलाता है, सूरज छुप जाता है तब तक, लेकिन घर हमें चारों ओर से झांकता है.
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Saket Ranjan Shukla
22 Jul, 2022 | 1 min read
फ़िर न करेंगे गलती मोहब्बत की
फ़िर न करेंगे गलती मोहब्बत की
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rashi sharma
21 Jul, 2022 | 1 min read
इसके बाद............
आज और अभी है, ज़िन्दगी इसी में तो सिमटी है, जो भी हो बस खुश रहो, जिसने दी है उसे शुक्रिया कहो.
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आशिक़ी ऐसे ही उड़ान भरती है
Saket Ranjan Shukla
24 Jul, 2026 | 1 min read