rashi sharma
rashi sharma 02 Oct, 2022 | 1 min read

रात तू इतनी...................

कभी तो तू भी सोया कर, छुप जाती है जब सूरज के पीछे, तब खुद की भी आवाज़ सुन लिया कर.

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rashi sharma
rashi sharma 30 Sep, 2022 | 0 mins read

ज़रूरत है खुद की......................

खुद के साथ दोस्ती कर लो, फिर किसी और की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी, भटकते रहोगे साथी की तलाश में, अंत में खुद से ही बातें होगी.

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rashi sharma
rashi sharma 28 Sep, 2022 | 0 mins read

ज़िन्दगी.................

उलझनों से जोड़ती है, आज़ादी कहती तो है, मगर कैद मेंं रहना पसंद करती है.

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rashi sharma
rashi sharma 15 Sep, 2022 | 1 min read

सीख रहे है...............

Learning, learning & learning.

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rashi sharma
rashi sharma 12 Sep, 2022 | 1 min read

रेलगाड़ी और पटरी................

उसने पहुँचाया वहां जहां हम जाना चाहते थे, अब भी पहुँचा रही है हमें जहां हम जाना चाहते है, पुराना इतिहास उसका आज भी कायम है, तभी तो मशहूर है वो हर जगह, जहां अब तक ना पहुँचा कोई तेज रफ्तार साधन है.

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rashi sharma
rashi sharma 02 Sep, 2022 | 1 min read

"मुस्कान"

जैसे ग़म की वजह तलाशते हो,मुझे भी तलाशों, कहीं खो ना जाऊँ मैं, मुझे पर भी ध्यान लगाओं.

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