टूटती प्रत्यंचा
आह...बदन दर्द से टूटा जा रहा है.... मुझे छोड़ दो।आह...दर्द से गला घुटा जा रहा है... कोई मेरी सुन क्यों नहीं रहा?
##Social issues
पिघलती हुई ख़ुशियाँ
खुशियों का बचपन अक्सर आँखों से पिघलने लगता है जिम्मेदारियों की तह ज़माने की खातिर |
दोष
जब किसाण की फसल काटने का टैम आवै तब वो चाहवै कि इब ना बरसै पाणी... लेकिन किस्मत न तो कुछ और ही लिखा धरा..
#Life #Hard time #Rain #Khadi boli #Farmers
खरी कमाई
बिटिया, हम गरीब लोग हैं, भला तुम जैसे बड़े लोगन को क्या दे पाएंगे? लेकिन बिना गुरुदक्षिणा दिए...
##Inspiration
THE ROAD and a Monk
Its conversation between the road and a monk.
#Sometimes boundations also give pleasure.
फिर जो बादल बरसे
का बरखा जब कृषि सुखाने
#Life stories #Monsoon vows #Stories by Sushma #Rural stories #Farmer
पेट की ख़ातिर..
पेट की ख़ातिर हम कुछ ऐसा भी कर डालते हैं जो अपराध बोध भर देता है मन में..
#Life #Fiction #Hardtime
नाले की जिंदगी
पूरा शहर आजा नाला हुआ पड़ा है.. आज शहर अपना सा लगता है
#Life stories #Rain #Stories by Sushma #Monsoon
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