Ankita Bhargava
15 Apr, 2021 | 1 min read
Ankita Bhargava
15 Apr, 2021 | 1 min read
Ankita Bhargava
24 Mar, 2021 | 1 min read
Ankita Bhargava
11 Dec, 2020 | 1 min read
Ankita Bhargava
12 Aug, 2020 | 1 min read
जूठे बेर
रमिया ने जूठे बेर तो नहीं जुटाए थे, हां! अपने दो बीघा खेत में उगाए मोटे धान से भात जरूर बनाया था।
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Ankita Bhargava
24 Jul, 2020 | 1 min read
Ankita Bhargava
07 Jul, 2020 | 1 min read
बिट्टो
डिब्बे में मौजूद सभी पुरुष उसे कुछ अलग सी नज़र से ताक रहे थे, कुछ सभ्य होने का दिखावा करते हुए छुप कर तो कुछ खुलेआम पर ताक सभी रहे थे।
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Ankita Bhargava
30 Jun, 2020 | 1 min read
खुशी
लड़का या लड़की में उनके लिए कोई फर्क नहीं था, पर अतीत में उनके अपने दिल पर लगे ज़ख्म अनायास ही आज फिर टीसने लगे थे।
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Ankita Bhargava
29 Jun, 2020 | 1 min read
बेडनी
"हां! उनका दुख मुझसे भी बड़ा है। उनके घर से एक बेडनी कम हो गई।" कहते कहते वह महिला फूट फूट कर रो पड़ी।
#Tribe
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Ankita Bhargava
22 Jun, 2020 | 1 min read
Titleरिश्तों की डोर
मैंने उसे मुक्त कर दिया। पर उस आवारा पतंग को एक डोर से बांध भी दिया था कि शायद वह फिर आए पलट कर! और देख आ गया।
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