rashi sharma
05 Nov, 2022 | 0 mins read
rashi sharma
03 Nov, 2022 | 0 mins read
सुर, साज और संगीत......................
बजता है तो विभोर कर देता है, आंसू झलकते है जब तो लगता है दिल छू लेता है, कौन कहता है मामूली है संगीत का हर साज़, बजता है तो लगता है सांस लेता है.
0
0
914
rashi sharma
01 Nov, 2022 | 1 min read
संतुलन..................
ऐ वो चीज़ नहीं जो हाथों में होती है, ऐ तो वो चीज़ है जो हर दफा, सोच से बाहर होती है.
0
0
697