rashi sharma
12 Nov, 2022 | 1 min read
rashi sharma
11 Nov, 2022 | 0 mins read
किरण...............
उसे पता है उसके महत्व का, तभी तो भाव खाता है, इंतज़ार करवाता दिनों दिन, फिर कहीं जा के अपनी झलक दिखाता है.
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rashi sharma
10 Nov, 2022 | 1 min read
खोने चले है....................
शहर का बदलना कुछ नया नहीं, हमारा उससे जुड़ना ऐ भी कोई बात नहीं.
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rashi sharma
09 Nov, 2022 | 0 mins read
तू भी कभी जिन्दगी..................
मुझे चलाती है पर मुझे नहीं जानती, तेरे कितने चेहरे है, तू तो ऐ भी नहीं जानती.
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