Purnimakartik
Purnimakartik 22 Jun, 2020 | 0 mins read
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Aman G Mishra
Aman G Mishra 22 Jun, 2020 | 1 min read

जब मैं डर गया

उस शाम से मुझ में डर घर कर गया, जबसे मैं उस गली से गुज़र कर गया। सूनी गली में खंडहर हवेली से क्या गुज़रा, उस वक़्त कोई उलटे पांव लौट कर गया। शाम के सन्नाटे बीच चीखती आवाज़, कोई परिन्द बाज़ू से फड़फड़ा कर गया। रोएं खड़े आंखें चेतीं पैर थरथराने लगे, एक झोंका आया औ' लगा मैं मर गया। दिल-ओ-दिमाग-ए-हाल खौफ़-ज़दा मैं इतना डरा चश्म पानी से भर गया। इस हालत में कुछ न सूझा, माँ ने कहा था, "राम नाम लेना'',लेते ही, सारा डर गया। - Aman G Mishra

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Shah  طالب  अहमद
Shah طالب अहमद 22 Jun, 2020 | 0 mins read
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Ektakocharrelan
Ektakocharrelan 22 Jun, 2020 | 1 min read

बाल गीत बच्चों के मुख से

मां तुम मुझको एक बात बतला दो, खुश रहूं मैं कैसे यह सिखला दो।

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MRIGANKA ROY
MRIGANKA ROY 22 Jun, 2020 | 2 mins read

Love and Live

A poetry on dream, on love , on death and second chance

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Ektakocharrelan
Ektakocharrelan 22 Jun, 2020 | 1 min read

चीन को चेतावनी

चीन को चेतावनी इन आंधियों से तूफानों से हारेंगे न हम जीत जाएंगें, लौ जलाकर अब विश्वास की देखना तुम पर विजय पाएंगें।

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