कुछ असंभव नहीं
जीवन में मुश्किलें तो आती ही है। उनका सामना कर आगे बढ़ने में ही जीवन की सार्थकता है।
कहानियाँ
मैं जब कहानियों के साथ होता हूँ कुछ कुछ आदिम अवस्था में रहता हूँ, बल्कि कहानियों के बिना मैं सभ्यता के चीथड़ों को चिपकाए कोई अलग ही जीव बन जाता हूँ।
Story: Importance
आप अपने जीवन में आई किसी भी चीज़ से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। पत्नी के जन्मदिन पर पति ने उसे एक कार उपहार में दी। पहले उसने कार की चाबियाँ सौंपीं, फिर एक पैकेट दिया जिसमें पत्नी के ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य तमाम काग़ज़ात थे। इसके बाद उसने देर तक पत्नी का आलिंगन किया। फिर उसने प्रस्ताव रखा कि मैं बच्चों का ध्यान रखूँगा, तुम कुछ देर अपनी नई कार की सवारी का आनंद लो। पत्नी ने उसे धन्यवाद दिया, उसका चुंबन लिया और फिर कार लेकर चल पड़ी। वह मुश्किल से एक किलोमीटर ही गई होगी कि उसकी नई-नवेली कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। उसे ख़ुद को तो चोट नहीं आई लेकिन कार में गहरी खरोंच पड़ गई। ये देखकर वह अपराधबोध में डूब गई, “अब मैं उनसे क्या कहूँगी? ये सब देखकर वे क्या कहेंगे?” उसके दिमाग़ में विचारों का तूफ़ान चल ही रहा था कि पुलिस भी आ पहुँची। उन्होंने कहा, “क्या हम आपका लाइसेंस देख सकते हैं?” उसके हाथ अभी भी काँप रहे थे, उसने वह पैकेट उठाया जो उसके पति ने उसे दिया था। उसमें से लाइसेंस निकालते हुए उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। तभी उसका ध्यान उस पैकेट पर लगी एक पर्ची पर गया जिस पर उसके पति ने अपने हाथ से लिखा हुआ था, “प्रिये, यदि कोई दुर्घटना हो जाए तो प्लीज़ यह याद रखना कि जिसे मैं प्रेम करता हूँ वह तुम हो, कार नहीं - तुम्हें प्रेम करने वाला।”
Real Motivation is in you ❤❤
Real Motivation for the one who loose their heart too soon. Don't feel the defeat so early. The brightest stars comes from worst background.
कर्म
गीता में भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को 'कर्म' के विषय समझाते हुए यह कहते हैं कि प्रत्येक मनुष्य हर समय कोई न कोई काम करता ही है और कर्म ना करने से बेहतर है कि कुछ न कुछ करते ही रहो। उसी से शरीर निर्वाह भी संभव है। तब अर्जुन भगवान से पूछते हैं कि भगवान आप तो सर्वव्यापी परमेश्वर हैं आपके पास तो किसी भी चीज का अभाव नहीं है तब आप क्यों कर्म करते हैं? भगवान इस प्रश्न का एक बहुत ही प्यारा, बहुत ही प्रशंसनीय जवाब देते हैं अर्जुन मैं जो जो कार्य करता हूँ, मेरा अनुकरण पूरा संसार करता है अगर मैं कार्य करता हूं पूरा संसार मेरे मेरा अनुकरण करते हुए वैसा वैसा ही कार्य करते हैं अगर मैं कार्य करना बंद कर दूं या निष्क्रिय हो जाऊं तो यह संसार भी निष्क्रिय हो जाएगा और संसार का नाश हो जाए इसलिए मेरा कर्म करना जरूरी है।
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