Aman G Mishra
13 Jun, 2020 | 1 min read
Aman G Mishra
13 Jun, 2020 | 1 min read
Aman G Mishra
13 Jun, 2020 | 1 min read
नज़र
मेरी नज़रें किसी की नज़र में हैं, लगता है मेरी कश्ती भँवर में है।
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Aman G Mishra
13 Jun, 2020 | 1 min read
निःशब्द
हाल ही में देश के कई हिस्सों में मासूमों से दरिंदगी की ख़बर समाज में गिरती नैतिकता को सीधे इंगित करती है, इसे मिटाने के लिए हमें ही आगे आना होगा। मैं पूरे देश से आह्वान करता हूं कि देश के नैतिक पतन को रोकने में कड़े से कड़े कदम को अंजाम देने में अपना योगदान दें।
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Saket Ranjan Shukla
13 Jun, 2020 | 1 min read
अधूरी ख्वाहिशें
अधूरी ख्वाहिशें तकलीफ बहुत देती हैं मगर होनी ज़रूरी भी हैं
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