ARCHANA ANAND
01 Sep, 2020 | 1 min read
Pragati tripathi
01 Sep, 2020 | 1 min read
Tulika Das
01 Sep, 2020 | 1 min read
Poonam chourey upadhyay
01 Sep, 2020 | 1 min read
"मेरे जीवन की पहली शिक्षिका, मेरी माँ"
माँ से अच्छी शिक्षिका कोई और नहीं हो सकती।मैं जब एक बेटी की माँ बनी तब मैंने ये कविता को कल्पना करके लिखा हैं।
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Charu Chauhan
01 Sep, 2020 | 0 mins read
वक़्त
समय के साथ-साथ इंसान क्या क्या अनुभव कर लेता है उसी पर आधारित है मेरी यह कविता।
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ARCHANA ANAND
01 Sep, 2020 | 0 mins read
शज़र
रंगीन नज़ारों में ये मदहोश हुए लोग यहाँ ऐसी बातों की नहीं करता फ़िकर कोई ...हिन्दी उर्दू शाखा में लिखी गई एक मर्मस्पर्शी रचना
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Kumar Sandeep
01 Sep, 2020 | 1 min read
असंभव कार्य संभव करना जानती हैं बेटियाँँ
देश की हर बेटियों को समर्पित है यह कविता।
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