Sonia Madaan
16 Mar, 2021 | 1 min read
Sonia Madaan
15 Mar, 2021 | 1 min read
ख्वाब।
ख्वाबों को बुनते बुनते उलझ गई जिंदगी अब न ख्वाबों से, न हकीकत से राब्ता रखते हैं।
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Shubhangani Sharma
15 Mar, 2021 | 1 min read
सच है ये!!!
छुपता नहीं छुपाने से, ये सच है, जो डरता नहीं राह दिखाने से।।
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Ektakocharrelan
13 Mar, 2021 | 1 min read
सुनो मेरे साथी जरा सुनो तुम!?
सुनो मेरे साथी जरा सुनो तुम! साथ रहे हम जन्म -जन्म।
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