क्या कभी सोचा है..................
खुद से खुद का सामना, झलकती हो सच्चाई तो आइना भी साथ देता है, झूठ छपा हो चेहरे पर तो, दर्पण भी खुद ब खुद चटक जाता है.
रेलगाड़ी और पटरी................
उसने पहुँचाया वहां जहां हम जाना चाहते थे, अब भी पहुँचा रही है हमें जहां हम जाना चाहते है, पुराना इतिहास उसका आज भी कायम है, तभी तो मशहूर है वो हर जगह, जहां अब तक ना पहुँचा कोई तेज रफ्तार साधन है.
पुनर्जन्म? बदले के लिए!! भाग - 3
क्या आप परा वैज्ञानिक बातों को मानते हैं? क्या आपको पुनर्जन्म में विश्वास है? क्या कुदरत न्याय दिलाने के लिए दखल देती है? ये कहानी इन्हीं प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करती है। या, कहीं नए प्रश्नों को जन्म तो नहीं दे देती है? पढ़िए, कुदरत के न्याय की अद्भुत कहानी।
5 saal ka natkhat ladka - yuvi ( Having 1 Fracture hand)
A 5 year old boy, having fracture in one hand, extremely naughty..... Very charming and energetic......
सौंदर्य झांक रहा है....................
सीशा भी जिससे शर्मा जाएं, उसे देख हर कोई हैरान हो जाए, बड़ा वक्त लेकर बनाया है उसे, जिसे देख चांद भी शर्मा जाए.
नाराज़गी..................
गुस्से से भरा इंसान बेकाबू हो गया है, किस - किस को समझाएं हर कोई एक जैसा ही हो गया है.
दिखावे की जद्दोजहद....................
जैसा दिखना चाहते हो वैसा बन जाओं, वरना जैसे हो वैसे दिखों भी.
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