Explore & Read

Discover Inspiring Stories

Dive into captivating narratives, thought-provoking essays, and creative tales written by creators worldwide.

Clear Filters
rashi sharma
rashi sharma 27 Oct, 2022 | 1 min read

मेरी दुनिया.............

जितने लोग उतने ही ख्वाब होते है, एक ही दुनिया में अनगिनत संसार होते है.

Reactions 1
Comments 0
779
Dakshal Kumar Vyas
Dakshal Kumar Vyas 20 Oct, 2022 | 0 mins read

मैं मैं न रहा

.

#College #Unemployment #Police' #Village #Youths

Reactions 1
Comments 0
885
rashi sharma
rashi sharma 14 Oct, 2022 | 1 min read

समाज अनूठा आइना.............

कहते वाले बहुत है, मगर मानता कोई नहीं, धस गए है खुद में हम, मगर समझता यहाँ कोई नहीं.

Reactions 1
Comments 0
720
rashi sharma
rashi sharma 02 Oct, 2022 | 1 min read

रात तू इतनी...................

कभी तो तू भी सोया कर, छुप जाती है जब सूरज के पीछे, तब खुद की भी आवाज़ सुन लिया कर.

Reactions 1
Comments 0
747
rashi sharma
rashi sharma 30 Sep, 2022 | 0 mins read

ज़रूरत है खुद की......................

खुद के साथ दोस्ती कर लो, फिर किसी और की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी, भटकते रहोगे साथी की तलाश में, अंत में खुद से ही बातें होगी.

Reactions 0
Comments 0
770
rashi sharma
rashi sharma 29 Sep, 2022 | 0 mins read

खौफ हैं....................

ऐ दर्शाता है कि हम ज़िंदा है, माना कि ड़रते है बहुत चाज़ों से हम, लेकिन इसमें कोई शक नहीं, कि खौफ सिखाता है हमें कि क्या करना है या क्या नहीं.

Reactions 0
Comments 0
995
rashi sharma
rashi sharma 28 Sep, 2022 | 0 mins read

ज़िन्दगी.................

उलझनों से जोड़ती है, आज़ादी कहती तो है, मगर कैद मेंं रहना पसंद करती है.

Reactions 0
Comments 0
790
rashi sharma
rashi sharma 16 Sep, 2022 | 0 mins read

खुद से मश्वरा................

बेवकूफ नहीं समझदार बनेंगे, हम खुद की सुन खुद को मज़बूत करेंग.

Reactions 0
Comments 0
767
rashi sharma
rashi sharma 13 Sep, 2022 | 0 mins read

क्या कभी सोचा है..................

खुद से खुद का सामना, झलकती हो सच्चाई तो आइना भी साथ देता है, झूठ छपा हो चेहरे पर तो, दर्पण भी खुद ब खुद चटक जाता है.

Reactions 0
Comments 0
781
rashi sharma
rashi sharma 10 Sep, 2022 | 0 mins read

सौंदर्य झांक रहा है....................

सीशा भी जिससे शर्मा जाएं, उसे देख हर कोई हैरान हो जाए, बड़ा वक्त लेकर बनाया है उसे, जिसे देख चांद भी शर्मा जाए.

Reactions 0
Comments 0
760
rashi sharma
rashi sharma 08 Sep, 2022 | 1 min read

नाराज़गी..................

गुस्से से भरा इंसान बेकाबू हो गया है, किस - किस को समझाएं हर कोई एक जैसा ही हो गया है.

Reactions 0
Comments 0
766
rashi sharma
rashi sharma 07 Sep, 2022 | 0 mins read

दिखावे की जद्दोजहद....................

जैसा दिखना चाहते हो वैसा बन जाओं, वरना जैसे हो वैसे दिखों भी.

Reactions 0
Comments 0
762