Resmi Sharma (Nikki )

resmi7590

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कुछ भी नहीं हूं फिर भी बहुत कुछ हूं बहुतों के लिए

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Resmi Sharma (Nikki ) 31 Oct, 2020 | 1 min read

चाँदनी रात भी काली स्याह सी दिखती है

यादें आकर सताती है न चाहो फिर भी आ ही जाती है

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Resmi Sharma (Nikki ) 31 Oct, 2020 | 1 min read

*पेड़ माँ समान फिर क्यों नहीं देते सम्मान*

जिस तरह माँ अपने बच्चों की रक्षा करती है उसी तरह पेड़ हमारी रक्षा करते हैं फिर हम क्यों उन्हें वो सम्मान नहीं दे रहें।पेड़ लगाएं आप सम्मान दें वो आपको जीवन देगी।

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Resmi Sharma (Nikki ) 29 Oct, 2020 | 1 min read

दिल भुलाने लगा है

पुरानी याद को पिछे छोड़ नये रिश्ते जुड़ने का अहसास होने लगा है

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Resmi Sharma (Nikki ) 29 Oct, 2020 | 1 min read

बेटी पुछे एक सवाल

बेटी सबसे अनमोल तोफा भगवान का दिया लेकिन आज उसके ही सवालों से हर माँ दुखी है जबाब देने में सक्षम नही।

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Resmi Sharma (Nikki ) 29 Oct, 2020 | 1 min read

दुर्दशा

नारी मन समझना हर किसी में कहां होता। बस स्त्री को भोगने की वस्तु समझना कहीं न कहीं गलत मानसिकता को दर्शाती है।

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Resmi Sharma (Nikki ) 28 Oct, 2020 | 1 min read

बचपन खास होता है

बचपन की बातें एकाएक याद कर चेहरे पर मुस्कान आ ही जाती है ...है. ना ...??

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Resmi Sharma (Nikki ) 27 Oct, 2020 | 1 min read

यादों में खोने लगे हैं

एहसास मोहब्बत का

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Resmi Sharma (Nikki ) 26 Oct, 2020 | 1 min read

बिन फेरे हम तेरे

प्यार विश्वास है और समझदारी से लिया फैसला ही सही।किसी को धोखा देना प्यार नहीं रिशते सच्चाई से निभाना ही प्यार है

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Resmi Sharma (Nikki ) 25 Oct, 2020 | 0 mins read

नवम रूप माँ सिद्धिदात्री

नवम रूप में हम माँ के सिद्धदात्री रूप का दर्शन करते हैं

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Resmi Sharma (Nikki ) 24 Oct, 2020 | 0 mins read

माँ गौरी अष्टम अवतार

माँ गौरी आंठवा रूप सुंदर सलोना तेरा मुख लाल चुनर से आज सजता माँ का दरबार

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