ARUN SHUKLA Arjun

arunshukla

https://paperwiff.com/arunshukla

I m a hindi poet. I'm blessed to maa vani for my good creation.

ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 03 Oct, 2021 | 1 min read

शर्तें मुनासिब हो नहीं सकतीं।

पेशे-खिदमत है इक मत्ला और इक शेर आप सबके मोहब्ब़त के हवाले!

#Sandeep

Reactions 2
Comments 3
724
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 21 Apr, 2021 | 1 min read

मत पूछो

एक तरफ कोरोना एक तरफ रैली

Reactions 0
Comments 1
741
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 11 Apr, 2021 | 1 min read

कोरोना दो नाव पर

कोरोना पर विशेष

Reactions 2
Comments 1
869
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 09 Apr, 2021 | 1 min read

ग़ज़ल (अंदाजे दीवाना नहीं जानता हूं)

अंदाजे दीवाना नहीं जानता हूं।

Reactions 1
Comments 3
956
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 09 Apr, 2021 | 1 min read

सूनी राहें

सूनी राहें

Reactions 1
Comments 1
721
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 09 Apr, 2021 | 1 min read

वादे से इरादे तक

वादे से इरादे तक

Reactions 1
Comments 2
1013
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 16 Oct, 2020 | 1 min read

किसने कहा था?

व्यंग्यात्मक एवं संदेश परक गजल लिखने का एक प्रयास

Reactions 0
Comments 0
984
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 15 Aug, 2020 | 1 min read

सफर आजादी का

मित्रों! दुख भरी पीड़ादायक गुलामी से हर्ष उन्माद प्रदान करने वाली स्वतंत्रता दिवस तक का सफर हमारे बलिदानी वीरों के त्याग एवं समर्पण का प्रतिफल रहा है। आज स्वतंत्रता दिवस पर हम उन बलिदानी वीरों के शौर्य उत्साह एवं बलिदान के प्रति नतमस्तक भाव से कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं, एवं उनके परिवार को वर्तमान भारतीय सैनिक जो सीमा पर डट कर अपने प्राणों की बाजी लगाते हुए दिन-रात धूप और सा तूफान गर्मी सर्दी बर्फीली हवाओं के बीच भी पूरे सौर एवं साहस के साथ तैनात हैं, उनको भी मेरा सादर नमन!??????????????

#Sandeep

Reactions 0
Comments 1
858
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 26 Jul, 2020 | 1 min read

आलेख- निश्छल प्रेम

प्रेम शब्दों से नहीं बल्कि एहसासों से परिभाषित होता है।

Reactions 1
Comments 2
1153
ARUN SHUKLA Arjun
ARUN SHUKLA Arjun 13 Jul, 2020 | 1 min read

ग़ज़ल

प्रेम अदृश्य,अनंत ,अनित्य एवं निराकार है। इसकी शुरुआत कब कहां कैसे होगी पूर्व विदित नहीं होता। यह तो एक अप्रत्याशित मनोभाव का ऐसा चमत्कार है जो कि व्यक्ति को एहसास ही नहीं होने देता कि वह प्रेम के मार्ग पर चल रहा है।

Reactions 0
Comments 0
814