ARCHANA ANAND

archana2jhs

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Proud mother of a lovely daughter,a neophyte poet,an inquisitive writer and an ardent reader. Books are my weakness and words are my power.I am the abandoned child of Minerva.

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ARCHANA ANAND 02 Oct, 2020 | 1 min read

दुविधा

कवि सम्राट अज्ञेय की कालजयी रचनाओं को समर्पित मेरी यह कविता जिसमें है एक पाठक मन की दुविधा... पढ़ना न भूलें ??

##an ode to the maestro

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ARCHANA ANAND 18 Sep, 2020 | 1 min read

तुम लौट आओ मोहित

... उन्हीं दिनों उसने एक तस्वीर बनाई थी, झील के किनारे बैठे लड़के की।चित्र में लड़के की पीठ दिखाई दे रही थी, लड़के का अक्स झील के पानी में दिखाई दे रहा था, एक उदास लड़के का अक्स। एक किशोरवय के बालक की मनोस्थिति का मनोवैज्ञानिक आकलन करती संवेदनशील और पठनीय रचना

##Inspiration

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ARCHANA ANAND 16 Sep, 2020 | 1 min read

जो बिकता है वही दिखता है

बढ़ती व्यावसायिकता और टीआरपी की होड़ में मीडिया अपनी विश्वसनीयता खोती जा रही है।इसी मुद्दे पर पढ़ें मेरा यह बेबाक आलेख

##Current affairs

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ARCHANA ANAND 14 Sep, 2020 | 1 min read

दिल की भाषा हिन्दी

रोटी की भाषा जो भी हो ,दिल की भाषा बस हिन्दी है ...ये कविता मात्र कविता नहीं ,एक समर्पण गीत है उस माँ के लिए जिसे हम हिन्दी कहते हैं।पढ़िएगा ज़रूर ??

##poetryblast

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ARCHANA ANAND 10 Sep, 2020 | 1 min read

अनुगामी नहीं ,गौरवशाली बनें

इतना ही नहीं, भाषायी स्वरूप इतना तरल और सहजग्राह्य है कि हर भाषा को आत्मसात कर लेती है।कोई बैर नहीं, कोई मनोमालिन्य नहीं...पढ़ें हिन्दी दिवस पर लिखा ये ज्वलंत,विचारोत्तेजक और ज्ञानवर्धक आलेख

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ARCHANA ANAND 09 Sep, 2020 | 1 min read

भाग्यरेख

मजदूर पिता और पुत्र के बीच एक भावुक संवाद करती मर्मस्पर्शी कविता

##poetryblast

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ARCHANA ANAND 09 Sep, 2020 | 1 min read

बरमूडा त्रिकोण

जैसे लेता हो आकार कोई कन्या भ्रूण किसी अंधेरे प्रसूतिगृह में उपेक्षित पड़ी माता के गर्भ में... यदि आप कविताएं पढ़ने का शौक रखते हैं तो इसे ज़रूर पढ़ें ?

##poetryblast

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ARCHANA ANAND 06 Sep, 2020 | 1 min read

फ़ैशन का बुखार

मैं मन ही मन इतरा रही थी कि आज तो घर से ऐश्वर्या राय बनकर ही निकलूंगी कि तभी मेरे पति और बेटी घर आ गए।मुझे देखते ही चीखे - "अरे ,ये क्या कर लिया तुमने?

##Inspiration ##Comedy

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ARCHANA ANAND 01 Sep, 2020 | 1 min read

कोरे पन्ने

मन का भीगना दरअसल उतना ही ज़रूरी है जितना मन के एक हिस्से का कोरा रह जाना !

##poetryblast

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ARCHANA ANAND 01 Sep, 2020 | 0 mins read

शज़र

रंगीन नज़ारों में ये मदहोश हुए लोग यहाँ ऐसी बातों की नहीं करता फ़िकर कोई ...हिन्दी उर्दू शाखा में लिखी गई एक मर्मस्पर्शी रचना

##poetryblast

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