rashi sharma
11 Dec, 2022 | 0 mins read
rashi sharma
09 Dec, 2022 | 0 mins read
तेरी आरज़ू..........................
तेरी आरज़ू.................
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rashi sharma
08 Dec, 2022 | 0 mins read
अब तक.....................
सबकी अपनी ज़ात है, सबकी अपनी सोच, कोई रखता है जोड़ कर हर याद, कोई फेंक देता है जैसे वो चीज़ है बेमोल.
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