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#picture prompt -3
#picture prompt -3 पीढ़ी दर पीढ़ी न जाने कितनी यादें चिपकी जर्जर मकान से घर था कभी जो धीरे धीरे ढह रहा है आज कैसा बेरंग सा सूना-सूना पड़ा है। डॉ रेखा जैन दिल्ली
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by rekhajain
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19 Jan, 2026
#picture prompt
#Topic contest सत्य और सिद्धांत में क्या रखा है भाई उधर लुढ़को जिधर पलड़ा भारी साईं। डॉ रेखा जैन दिल्ली
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23 Jan, 2026
#suffocation
लगातार घुटन का जीवन जीते रहने से व्यक्ति कई रोगों जैसे तनाव, रक्तचाप, मधुमेह आदि का शिकार हो जाता है इतना ही नहीं वह पारिवारिक जीवन का सुख और आनंद से भी वंचित रहेगा। डॉ रेखा जैन दिल्ली
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30 Jan, 2026
#picture prompt -6
#picture prompt -6 जब से तुम परदेस पधारें रात दिन रो -रो कर गुजारे रातें बीतीं गिन-गिन तारे। लौटने की आस में दुख सहे सारे। झूठी शान में बीते दिन सारे। भूल गयी सब रिश्ते प्यारे। दिन में ही देखे सारे तारे। लौटने की आस में दुख सहे सारे । डॉ रेखा जैन दिल्ली
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10 Feb, 2026
#Topic contest स्वभाव
किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है उसके संस्कार होते हैं.. । डॉ रेखा जैन दिल्ली
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12 Feb, 2026
#Topic contest स्वभाव
सीधा सरल स्वभाव तो,पाता जग में मान इस जग में तू घूम लें,बात पते की जान। डॉ रेखा जैन दिल्ली
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12 Feb, 2026
#Topic contest -dignity
Topic contest- dignity #गरिमा मैं उस बगिया की गरिमा हूँ जहाँ आकर मैं इस घर की बेटी कहलाई। उस बगिया की गौरव बढ़ाई उस बगिया में खुशबू छाई उम्मीद भरी इस दुनिया में आई फिर एक नन्ही परी तृष्णा कहलाई जहाँ अपनेपन का इक माली भाई बगिया में परिवार रुपी बीज लगाई। पेड़ बनकर दो कुलों की गरिमा बन पाई। डॉ रेखा जैन दिल्ली स्वरचित व मौलिक रचना
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20 Feb, 2026
#picture prompt -8
#picture prompt -8 पग जो आगे बढ़ा उसे लौटाते नही। कामयाबी के पुष्प सब खिलाते रहो। धूप-छांव जैसी कट रही है जिंदगी । कांटो में फूलों की बगिया खिलाते रहो। डॉ रेखा जैन दिल्ली स्वरचित व मौलिक रचना
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25 Feb, 2026
#compassion-करूणा
करुणा ममता की जो प्रतिमूर्ति। अभावों की करती जो क्षतिपूर्ति । कोई अौर -नहीं वो -माँ -ही -है। त्याग- तपस्या मे-दे जो -स्फूर्ति । डॉ रेखा जैन दिल्ली स्वरचित व मौलिक रचना
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27 Feb, 2026
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