Aman G Mishra
Aman G Mishra 25 Aug, 2019 | 1 min read
ग़ज़ल

ग़ज़ल

Reactions 0
Comments 0
830
Aman G Mishra
Aman G Mishra 25 Aug, 2019 | 1 min read
ग़ज़ल

ग़ज़ल

Reactions 0
Comments 0
813
Aman G Mishra
Aman G Mishra 25 Aug, 2019 | 1 min read
कविता

कविता

Reactions 0
Comments 0
849
Aman G Mishra
Aman G Mishra 25 Aug, 2019 | 1 min read
ग़ज़ल

ग़ज़ल

Reactions 0
Comments 0
980
Aman G Mishra
Aman G Mishra 25 Aug, 2019 | 0 mins read
Reactions 0
Comments 0
953
Aman G Mishra
Aman G Mishra 24 Aug, 2019 | 1 min read

ग़ज़ल

जाते जाते वो अपनी तस्वीर दे गए, हँसती हुई मेरी आँखों में नीर दे गए। देखती रही अपने हाथों को चुपचाप, हाथों में वो जुदाई की लकीर दे गए। मन में एक कसक रहेगी ता-उम्र अब, जिंदगी भर कम ना हो ऐसी पीर दे गए। मोहब्बत का मेरी मजाक बना गये वो, बेवफाई का इल्जाम वो मेरे सिर दे गए। दोष किसको दूँ उनको या हालात को, जाते हुए मुझे ख़िताब ऐ फकीर दे गए। मेरी मोहब्बत ही इतनी गरीब निकली, कौड़ियों के भाव गैरों को ज़मीर दे गए। आगाह कर सके "सुलक्षणा" औरों को, इसीलिये वो कलम ऐ शमशीर दे गए। ©® डॉ सुलक्षणा अहलावत

Reactions 0
Comments 0
717
Aman G Mishra
Aman G Mishra 24 Aug, 2019 | 0 mins read

ग़ज़ल

बैठा है अपने दिल में छुपाकर राज कोई। बंद लबों से दे रहा है मुझे आवाज कोई। अपनी आँखों से हाल ऐ दिल बयाँ करके, निभा रहा है मोहब्बत का रिवाज कोई। दिल गुनगुना बैठा तराना ऐ मोहब्बत, दे गया चुपके से मोहब्बत का साज कोई। दिल धड़काया नज़रों से नजरें मिला कर, ऐसे कर गया मोहब्बत का आगाज कोई। अजीब सी हालत हो गयी मोहब्बत में, ना जाने कैसे होगा इसका इलाज कोई। दिन रात ख्यालों में खोई रहती हूँ मैं, खुद से भी प्यारा लगने लगा आज कोई। जिस दिल पर लाखों पहरे बिठा रखे थे, आज उस दिल का बन गया सरताज कोई। बस एक ही दुआ है मुझे मिल जाए वो, नहीं चाहिएँ मुझे तख़्त ओ ताज कोई। उसकी मोहब्बत के साये में बीते जिंदगी, सच कहने में रखती नहीं हूँ लिहाज कोई।

Reactions 0
Comments 0
758
Aman G Mishra
Aman G Mishra 24 Aug, 2019 | 1 min read
Reactions 0
Comments 0
717
Aman G Mishra
Aman G Mishra 24 Aug, 2019 | 1 min read
Reactions 0
Comments 0
753
Aman G Mishra
Aman G Mishra 24 Aug, 2019 | 0 mins read
Reactions 0
Comments 0
846