Jahaji sandesh
04 Jan, 2022 | 1 min read
हम लड़के हैं !
मन में वेदनाएं नहीं हो सकती, क्योंकि उसमें स्त्रियों का हक़ है, मन की व्यथा नहीं हो सकती, क्योंकि वो भी औरतों के हिस्से में आता है,
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