Sonia Madaan
09 Jul, 2020 | 1 min read
Ektakocharrelan
08 Jul, 2020 | 1 min read
Sonia Madaan
08 Jul, 2020 | 1 min read
Sonia Madaan
08 Jul, 2020 | 1 min read
Saket Ranjan Shukla
08 Jul, 2020 | 1 min read
और तुम करीब आने को कहते हो
कैसे करीब आऊँ मैं, जब ख़ुद को ही ख़ुद से दूर पाता हूँ।
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Saket Ranjan Shukla
08 Jul, 2020 | 1 min read
ठीक नहीं
कहा ना, मेरी ख़ामोशी को मेरी हार समझना ठीक नहीं।
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Saket Ranjan Shukla
08 Jul, 2020 | 1 min read
नाउम्मीदी अच्छी है
नाउम्मीदी ही अगर कोई नई राह दिखाए तो क्यों दूर जाएँ इससे।
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Saket Ranjan Shukla
08 Jul, 2020 | 1 min read
लिखता हूँ
बहुत कुछ बाकी है लिखने को क्योंकि मैं वक़्त के हालात लिखता हू़ँ।
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Saket Ranjan Shukla
08 Jul, 2020 | 1 min read
गैरों की परवाह में
ख़ुद को भूल औरों को समझने समझाने में अपना दिन काट देता हूँ।
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Saket Ranjan Shukla
08 Jul, 2020 | 1 min read
कह देना मुझसे
तलाश भी क्यों करें ख़ुद की, जब गुमशुदाओं में शामिल हो गए हैं हम।
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