Saket Ranjan Shukla
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ताक़त-ए-अल्फाज़ ⊻ ??????|??????|????? स्याहीकार|ᴘᴜʙʟɪsʜᴇᴅ ᴄᴏ-ᴀᴜᴛʜᴏʀ ⊻ रंग छोड़ती स्याही का सहारा लेता हूँ, अनकहे जज़्बात कह देता हूँ! ?@saketrshukla20 ?@my_pen_my_strength
Saket Ranjan Shukla
30 May, 2020 | 1 min read
बीच डगर का सफ़र
कभी कभी ऐसा लगता है ज़िंदगी जी तो रहे हैं हम मगर जीने को कुछ है ही भी ना दुःख है ना सुख है, ना कोई हमसफ़र है, ना किसी की गुंजाइश है.... मतलब सफ़र बिल्कुल उबाऊ सी लगने लगती है
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Saket Ranjan Shukla
30 May, 2020 | 1 min read
Love in eyes
आंखें बहुत कुछ कह जाती हैं मगर फिर भी जुबां से कुछ सुन लेने की उम्मीद लगी रहती है
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Saket Ranjan Shukla
30 May, 2020 | 1 min read
Saket Ranjan Shukla
30 May, 2020 | 1 min read
Saket Ranjan Shukla
30 May, 2020 | 1 min read
नींद का इंतजार
मैं रात रात भर सोने की कोशिश करता हूँ मगर ये कमबखत नींद आती नहीं वक़्त पे कभी।
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