लिखूँगा कभी
कभी तुझमें खुद को
Photo by Kelly Sikkema on Unsplash
लिखूँगा कभी
कागज पर नहीं दिल पर
तेरे लवों की लाली
यौवन की हरियाली
मचले अरमान
तेरी पहचान
नयन नक्श
तेरा अक्श
मीठी यादें
मुलाकातें
तेरा कतराना
मुँह फेर लेना
काजल की धारी
फूलों की क्यारी
मादक मुस्कान
लूटता जान
लिखूँगा कभी
खुद में तुझ को।।
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