क्यूँ ये दिल कह नहीं पाया.....

दिल की बातें

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AM 24 Jun, 2022 | 1 min read
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क्यूँ ये दिल तुमसे कह नहीं पाया

दिल की बातें.....

क्यूँ करीब होकर भी हम तुमसे

दूर ही रहे.....

क्यूँ नहीं कभी तुमने हमें या हमने तुम्हें

गले से लगाया.....

क्यूँ साथ चलकर भी हम अलग-अलग

ही रहे.....

क्यूँ.....? अखिर क्यूँ?

अब सोचने में कोई फायदा नहीं,

जा चुके का वापस लौटने का कोई कायदा नहीं.....

हमारी राहें भले एक सी थीं,

मगर मंजिलों का अलगाव था,

साथ तो थे पर शायद दिल से दिल का जुड़ाव न था.....

तो क्या करते तुमसे दिल का हाल-ए-बयां करके,

जब तुम्हारा हमसे लगाव न था.....

हम भी अब मस्त हैं,

तुम्हें भी अब मस्त पाते हैं,

ऐसा लगता है जैसे,

तुम्हें हमारे जाने का इंतजार था.....

सच कहें ये अच्छा हुआ तुम हमारी जिंदगी में

गुज़रे लम्हे का सिर्फ एक किस्सा हो.....


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