प्रयास
नाव की पतवार थामने वाले ने क्या कभी नदी को थामने का प्रयास किया है?
शायद नहीं, क्योंकि वह जानता है जो थम जाए वह नदी कहाँ?
ठहरा हुआ जल एक रोज दुर्गंध देता है,
जिस प्रकार मनुष्य अपने मन के भीतर अनगिनत अच्छी-बुरी भावनाएँ सेता है।
कल-कल करकर बहना और बहकर समुद्र में मिल जाना नदी का स्वभाव है,
नदी चंचल है हमारे मन की भांति, ठीक ऐसे ही जीवन चलते जाने का नाम है।
Paperwiff
by shilpi goel