वीरता
जब बादल गहरे रास्ता सुनसान हो,
हर दिशा में अंधेरा हर सांस परेशान हो
तब भी जो दीपक बनकर जल जाए,
वही वीरता कहलाऐ!
वीरता शोर नहीं करती,वो मौन में खड़ी रहती है,वीर पैदा नहीं होते,वो हर बार डरते हैं,हर बार टूटते हैं,
और हर बार डर से एक इंच बड़ा होकर फिर खड़े हो जाते हैं!!
Paperwiff
by preetigupta3