दहेज प्रथा

दहेज प्रथा

Pinky Patel
03 Sep, 2020 • 1 min read min read • hi
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दहेज प्रथा

Photo by Michael Dam on Unsplash

दहेज प्रथा को खत्म करना है ।


नारियों पर अत्याचार को होने से बचना है ये सब लोगों को बताना है। की हर बात पर जोर नहीं देना है।


बेटियों को मजबूरी में होकर भी ताने सुनने है । 


हम सब को मजबूरी में आकर अपने ही लोगों को जवाब देना होता है।यह सब कब तक चलेगा।किसी ना किसी को तो आवाज उठानी ही होगी। अब सब लोगों की हिम्मत बढ़ेगी और अब हम सब लोग अपनी बेटियो को मजबूरी में नही जीने देगे है अब मेरी हिम्मत बढ़ गई है इस तरह का कोई भी कदम नहीं उठाना है जिससे दहेज प्रथा को बढ़ावा मिले अपनी बेटियां अब समाज के बीच में आ कर खड़ी हो सकती है।हम आवाज उठानी है और अब सब लोग के साथ जीना चाहते हैं इस तरह की जंग को कोई अंत नहीं होगा।सिर्फ मेरे ही कहने से कुछ नहीं होगा सभी को एक साथ मिल के आवाज उठानी होगी।मेरी तो अब कुछ समझ में नहीं आता कि मै क्या करू।किसी को भी पता नहीं चलता कि मेरी बेटी के घर में क्या चल रहा है सब ठीक है।कि नही। जिसके घर में सब लोग धन के लिए ताने सुनने होते हैं उसके दिल पर क्या गुजरी यह वही जनता है।कोई भी आता है बहुयो को ताने सुना कर चला जाता है।मुझे तो इस बात का से है कि मेरे साथ एक ना एक दिन ऐसा जरूर आएगा। अब ये सब किसी की भी बेटी को सहना पड़ सकता है। क्योंकि अब सब लोग धन की आवश्यकता को पूरा कर नहीं कर सकते हैं तो वो पूर्ति अब बिटियो के पिता पर डालते है। अब नारी को सशक्त रहना है और एक दिन में सब लोग के साथ जीना है। बरसो से यह सब कुछ सहती आ रही है। हर मां बाप को जोर देकर यह द विचार करना चाहिए कि आप उसे अपने घर की तरहबेटी समझें।उसकी सभी जरूरत को पूरा करने का प्रयास करते रहे। लेकिन अगर किसी कारण वश कोई भी चीज पर जोर दिया तो इसका परिणाम ठीक नहीं होगा। अब तो मै बहुत अच्छे से समझ गई हूं कि किसी ने हमे किसी भी तरह के ताने सुनाए तो हम क्या कर सकते हैं।हमे सभी बातों का जवाब देना होगा।हम। एक साथ मिलकर एक दूसरे के घर जा कर इससे निपट सकते है। अब तो बस एक फोन कॉल करने की जरूरत है और पुलिस बाहर आ जाती है। अब कोई मतलब नहीं होता है अब तो मुझे भी कुछ ऐसा ही करना है जो अपने आप को किसी भी तरह की परेशानी से सुरक्षित रख सके। घर से बाहर निकलते ही मेरी आजादी कोई नहीं छीन सकता।। अपने माता पिता ने हम सब के लिए सब कुछ किया करते हैं फिर भी दूसरों कि बेटियो को ताने सुनने में मज़ा आता है।

अगर आप सभी को मेरा पहला आर्टिकल अच्छा लगा तो कमेंट में जरूर बताए।

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  • Babita Kushwaha · 6 years ago last edited 6 years ago

    अच्छा लिखा है

  • Pinky Patel · 6 years ago last edited 6 years ago

    Thanks Mase

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