ग़नीम

Stop terrorism

Deepali sanotia
24 Apr, 2025 • 1 min read min read • hi
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ग़नीम

Photo by David Tomaseti on Unsplash

ग़नीम ये कौन घुस आते हैं मेरे बाग़ में 

लहू की खींच देते है रेखा किसी के सुहाग में 

क्या इनके आँगन में माँ नहीं 

क्यूँ पकड़ती वो इनके ग़िरेबाँ नहीं 

ये कैसे मज़हब की पट्टी पढ़ाई है 

इंसानियत को रौंदने वालो दुहाई ही दुहाई है।

दीपाली सनोटीया

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