पेड़ की आँखों से भी निकलता है आंसू

पेड़-पौधों के बिना हमारा कोई अस्तित्व ही नहीं बचेगा।

Kumar Sandeep
22 Jun, 2020 • 1 min read min read • hi
❤️ 2 💬 5 👁 2032
#Save environment #Nature
पेड़ की आँखों से भी निकलता है आंसू

हम सभी जानते हैं, पेड़-पौधे हमारा साथ सदा निभाते हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक का साथ होता है हमारा पेड़-पौधों के साथ। हमारी अधिकांश ज़रूरतों को पूरा करते हैं पेड़-पौधे। हमारी सांसें भी पेड़-पौधों की वजह से ही चल रही हैं। पेड़-पौधों के बिना हमारा कोई अस्तित्व ही नहीं बचेगा यह अकाट्य सत्य है। ऐसा इसलिए कि पेड़-पौधों का अस्तित्व ही नहीं बचेगा तो हम सांस कैसे ले पाएंगे, सांस नहीं लेंगे तो भला हम जीवित कैसे रह सकते हैं। अर्थात् पेड़-पौधा है तभी हम सब हैं। फिर भी इस बात से आज के इंसान अनजान हैं। पेड़-पौधों को बेवक्त ही काटकर आशियाना बना रहे हैं, उद्योगधंधे स्थापित कर रहे हैं।

जब समय से पूर्व ही पेड़-पौधों को काट दिया जाता है:- ऐसी बात नहीं है कि केवल मुनष्य की आँखों से ही आंसू निकलते हैं। पेड़-पौधों को भी जब कष्ट पहुंचाया जाता है बेवक्त ही काटा जाता है तो पेड़-पौधे भी रोते हुए दिखाई देते हैं यदि हम महसूस करें तो। जब पेड़-पौधों को चंद पैसों की लोभ में या अपना आशियाना बनाने हेतु काटा जाता है और पेड़-पौधे जमीन पर गिरते हैं तो धम की आवाज़ निकलती है यह आवाज़ पेड़ के रोने की होती है।

पेड़-पौधों के दर्द का भान होना ही चाहिए हम इंसानों को:- जरा-सी चोट लग जाने पर जिस तरह हमें दर्द का एहसास होता है ठीक उसी तरह पेड़-पौधों को भी होता होगा। इंसान के लिए कितना कुछ करते हैं पेड़-पौधे। तो हमारी भी ज़िम्मेदारी बनती है कि हम उनके दुःख और दर्द महसूस करें उन्हें बेवक्त ही मृत्युदंड नहीं दे। निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु किसी को दर्द पहुंचाना उचित नहीं है। हमें परोपकारी पेड़ के प्रति कृतघ्न नहीं बनना चाहिए। उनकी उदारता को दयालुता को सर्वदा स्मरण रखना चाहिए।

मीठे-मीठे स्वादिष्ट फल सहित जीने के लिए ऑक्सीजन भी प्रदान करते हैं पेड़-पौधे। बुढ़ापे में सहारे की लाठी सहित बचपन में चलने के लिए खेलने के लिए अनगिनत खिलाने भी प्रदान करते हैं पेड़-पौधे। शब्दों में व्यक्त कर पाना बेहद कठिन है परोपकारी पेड़-पौधों की उदारता। हमारा इतना ख़्याल रखते हैं पेड़-पौधे तो हमें भी उनकी देखरेख करनी चाहिए हमेशा।

©कुमार संदीप

मौलिक, स्वरचित, अप्रकाशित

2 likes
☕

Support Kumar Sandeep

Appreciate this story? Send a small tip to encourage the author to write more great work!

Please login to tip the author.

Kumar Sandeep
Published By

Kumar Sandeep

@Kumar_Sandeep

Comments

Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓

  • Resmi Sharma (Nikki ) · 6 years ago last edited 6 years ago

    सही ??????

  • Kumar Sandeep · 6 years ago last edited 6 years ago

    हार्दिक आभार माता श्री

  • Ekta Kashmire · 6 years ago last edited 6 years ago

    बढ़िया प्रस्तुति ?

  • Ektakocharrelan · 6 years ago last edited 6 years ago

    बहुत सुंदर संदेश

  • Kumar Sandeep · 6 years ago last edited 6 years ago

    धन्यवाद एकता मैम

Please Login or Create a free account to comment.

★ Recommended For You

Stories tailored to your recent reading preferences

More stories in Action and Adventure
Aarti Kushwah • 15 Sep, 2026 • 1 min read min

कितनी परतें हैं इस अनजाने मन की

हमारे मन में कभी-कभी इतना सब चलता रहता है कि हमारा अंतर्मन विचलित होने लगता है ।

61 0
More stories in Action and Adventure
wayne travel log • 31 Dec, 2025 • 1 min read min

The goth gouls of horror

fun gothic tale of horror

316 0
More stories in Action and Adventure
Adhiraj • 19 Oct, 2025 • 1 min read min

कविता : पर्वतों के पुत्र

साहसी संघर्ष में विचलित नहीं होते |

412 1
More stories in Action and Adventure
Aarti Kushwah • 15 Aug, 2024 • 1 min read min

आज़ादी अभी बाकी है...

कहने को तो आज़ाद हैं हम, पर आज़ादी अभी बाकी है, ये मैं नहीं इस देश की बेटियाँ बताती हैं ।

943 1