दुनिया बराबरी वाली

दुनिया बराबरी वाली एक लघु कथा

Varsha Sharma
13 Jun, 2020 1 min read min read hi
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##equality# ##barabri
दुनिया बराबरी  वाली

Photo by Tim Mossholder on Unsplash


नहीं पिया अभी आवाज मत करो बच्चे उठ जाएंगे| नहीं पिया तुम तो समझदार हो थोड़ी देर और फिर मैं तुम्हारा होमवर्क करा दूंगी| तुम तो बड़ी हो पिया दोनों बच्चों का सॉन्ग लगा दो| देखो कितना परेशान कर रहे हैं| धीरे-धीरे पिया परेशान रहने लगी और गुमसुम भी| आज शीला के पति ऑफिस से आए और बोले कि पिया की टीचर का फोन आया था वह शिकायत कर रही थी|

क्या कह रहे हो ???शिकायत आई है |और वह भी पिया की!!!वह तो मेरा अभिमान है पढ़ाई में भी अच्छी है फिर शिकायत क्यों आई??पता नहीं आजकल कुछ दिन से सारे उल्टे उल्टे काम कर रही है| कल स्कूल में बुलाया है टीचर ने, चलो जाओ और पता करो| मैं कैसे जाऊंगी ???दोनों बच्चों को लेकर आप चले जाना अरे!!!मेरे पास तो टाइम नहीं है मुझे कल बहुत अर्जेंट मीटिंग है| ऐसा करो तुम फोन पर बात कर लेना टीचर से और व्हाट्सएप ग्रुप तो है ही उस पर भी पूछ लेना|

शीला ने सोचा कि फोन पर पूछना अच्छा नहीं लगेगा |लेकिन अब क्या कर सकते थे ...जा भी नहीं सकते थे.....क्योंकि उसके दोनों ट्विंस बच्चे थे और उसे उन दोनों को संभालना था| वैसे तो पिया 10 साल की है| और बचपन से ही बहुत इंटेलिजेंट थी| हर काम में परफेक्ट पढ़ाई में भी खेलकूद में भी और कभी कोई शिकायत का मौका नहीं देती थी | बच्चों को सुला कर अगले दिन शीला ने पिया की टीचर को फोन किया तो टीचर ने कहा कि पिया थोड़ा चेंज होती जा रही है कल इसने अपने रिजल्ट के मार्क्स भी बढ़ाकर आपको दिखाएं और उस पर आपके साइन भी हुए थे |अरे !!!!आपने रिजल्ट दिया था पिया ने तो बताया ही नहीं| ऐसा क्यों कर रही है पिया??? पहले तो कभी नहीं करती थी टीचर भी हैरान थे |पिया स्कूल से आई तो गुमसुम सी थी| शीला ने डांटा नहीं लेकिन कोई बात भी नहीं की|

शीला ने हस्बैंड से बात की अब हस्बैंड भी परेशान हो गए |क्योंकि कभी पिया को डांटा भी नहीं और पिया  हमेशा से बहुत अच्छी बच्ची है| अब अचानक से ऐसा क्यों करने लगी ???तभी उनकी घर शीला की सहेली स्वाति आ गई स्वाति एक चाइल्ड साइकेट्रिस्ट है| उन्होंने उसके सामने पिया की समस्या रखें तो कुछ देर तो वे सोचते रही फिर उसने कहा कि मैं कल आऊंगी |जब पिया स्कूल चली जाएगी| अगले दिन स्वाति आई तो उन्होंने पिया की समस्या का हल बताया कि आप दोनों पेरेंट्स पिया का पहले भरपूर ध्यान रखते थे |अब वह बड़ी हो रही है और आप दोनों का ध्यान उस पर से हट गया क्योंकि दोनों बच्चे ट्विंस हैं| तो आपको ज्यादा समय उनके लिए लगाना पड़ता है| बस यही है पिया के बदले हुए व्यवहार की|

अब शीला को भी लगा कि वह जो काम कभी नहीं करती थी गलत गलत काम कर रही है| ताकि हम उसकी ओर ज्यादा ध्यान दें| स्वाति ने भी समझाया कि यह उम्र ही ऐसी सी होती है अगर बच्चे भटक गए तो संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा |बड़े बच्चों को भी प्यार कि इतनी ही जरूरत है जितने की छोटे बच्चों को छोटे बच्चों को थोड़ा टाइम पिया के साथ रहने दो ताकि पिया उनसे घुल मिल सके और पिया को यह न लगे कि आप उस पर कम ध्यान देते हैं |और दोनों बच्चों पर ज्यादा |छोटे बच्चे तो अभी कुछ समझ नहीं सकते लेकिन पिया समझदार हो रही है कहीं उसमें हीन भावना न घर कर जाए| शीला और उसके पति दोनों ने ही सोचा कि सच ही तो कह रही है.....पहले तो उनकी पूरे वक्त पिया का ध्यान रहता था और अब जब से छोटे बच्चे आए हैं अब तो पिया से उनका ध्यान कम हो गया....... दोनों को अपनी गलती का एहसास हुआ क्योंकि मां-बाप का प्यार तो सभी बच्चों के लिए बराबर होना चाहिए|

शीला और उसके पति ने अब अपना टाइम टेबल बना लिया और पिया को स्कूल से आने के बाद पूरा टाइम देने लगे धीरे-धीरे पिया के व्यवहार में बदलाव आ गया| फिर धीरे-धीरे पिया ने अपनी मां से बात करनी शुरू की कि मम्मी मुझे लगने लगा था कि आप मुझे तो प्यार ही नहीं करते लेकिन आप तो मुझसे भी प्यार करते हो| शीला ने कहा नहीं बेटा हम तो तुमसे ज्यादा प्यार करते हैं क्योंकि तुम सबसे बड़ी होना| इस तरीके से तीनों बच्चों को मां का बराबर प्यार मिला|

दोस्तों कई बार परिस्थितियां छोटी छोटी होती हैं और हम समझ नहीं पाते उनके परिणाम कई बार गंभीर देखने को मिलते हैं| आखिर मां के प्यार पर तो सभी बच्चों का बराबर हक है| हमें जिम्मेदारी निभाते हुए बड़े बच्चे के लिए भी सोचना चाहिए|

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