इच्छा

एक लघुकथा

Surabhi sharma
30 Mar, 2023 • 1 min read min read • hi
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इच्छा

खूबसूरत चमचमाते हैप्पी - बर्थडे के झालर दीवारों पे टंगे हुए थे |बच्चे - बड़े सबके हाथों में दो गिफ्ट के डब्बे थे|सुन्दर सा दो केक टेबल पर सजा हुआ था |निमन्त्रण पत्र पर लिखा हुआ था |बेटी का पांचवां जन्मदिन और हमारे प्यारे टॉमी का दूसरा जन्मदिन| बच्चों के खेल शुरु हो चूके थे और अचानक एक आंटी ने सब बच्चों से पूछना शुरू कर दिया कि वो  क्या बनना चाहते हैं? सिंगर, डांसर, डॉ, इंजीनियर जैसे शब्दों की अचानक से बारिश होने लगी |अब बात आयी उस घर की सहायिका के 9 वर्ष बेटे के |उसने अपनी चमकती पनीली आँखों से केक देखा एक नजर उपहारों पर डाली और सबको ये कहकर झकझोर दिया कि "मैं टॉमी बनना चाहता हूँ |"


सुरभि शर्मा

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