प्यार को प्यार ही रहने दो...

प्रेम का भाव ही अपने आप में सम्पूर्ण है, पाने की चाह ही उसे अधूरा बनाती है..!

Sonnu Lamba
12 Jul, 2020 • 1 min read • hi
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प्यार को प्यार ही रहने दो...

Photo by Markus Spiske on Unsplash

अरे निखिल आज रूही जा रही है, आखिरी दिन है उसका इस ओफिस में, फिर ना जाने कभी मुलाकात हो ,ना हो...! 


कह दे ना यार.. इतना भी क्या दिल में रखना, प्यार करता है, कोई गलत बात थोडे ही है.. "


नही यार यश.. कह देने से ही क्या होगा, मेरा प्रेम.. मैं जानता हूं, काफी है..! 


तू हमेशा ऐसे ही डरपोक रहेगा, इजहार कर देगा तो क्या बिगड जायेगा, कोई चप्पल उठाकर मार तो नही देगी तुझे वो, देख कितने अच्छे से बात करती है..! 


हां.. इसीलिए ही तो नही, वो मुझसे, बेझिझक, अच्छे से बात करती है, दो साल से यहां हम साथ हैं एक दूसरे से कोई अपेक्षा ही नही, किसी उपेक्षा का भी दंश नही, मिलते हैं, मुस्कुराते हैं, अपना अपना काम करते हैं, कुछ मन किया तो शेयर कर लेते हैं, यहीं आफिस टाइम में..! 


यार.. तो तेरा प्यार तो यूं ही जाया चला जायेगा, तू सीने में दफन कर बैठा रह.."


"प्रेम कब जाया होता है मेरे दोस्त , भाव है ये, हमेशा रहेगा, यूं ही खिलाखिला, इजहार रिश्ता कायम करने के लिए जरूरी है, प्रेम करने के लिए नही, "


'"छोड यार मुझे समझ नी आती तेरी फिलोसफी.. "


तू जानता है, मैं उसे प्यार करता हूं वो मुझे नही, इसीलिए अब जाते जाते उसके शांत मन में जहां मैं और मेरी याद दोस्त के रूप में अंकित हैं, इजहार का कंकड मारकर उसे असहज नही करना चाहता, बस उसके उज्जवल भविष्य के लिए ढेर सारी दुआ करना चाहता हूं..! 


उसके साथ बीते सभी पल, मेरे साथ जगमगाते दिये की तरह रहेंगें, कभी अंधेरा होगा तो यादो में जलते मिलेंगे..! "

और चल अब मुंह मत लटका ,उधर सब लोग इंतजार कर रहे हैं ,डिपार्टमैंट ने फेयरवैल रखा है उसके लिए ,"उसे बाय भी तो बोलना है."।

तू तो ऐसा लुटा पीटा बैठा है, जैसे तेरा ही कोई अजीज जा रहा हो.. "।


आज की शाम थोडी गमजदा सी है, कि हमारे डिपार्टमैंट से बहुत प्यारी कलीग रूही, आज जा रही है.. "

आप लोग थोडा कुछ कहें... जिसको जो भी कहना है, रूही तो कह ही चुकी है, बिछडना हमेशा ही उदास करता है, निधि बोल रही थी .."।


तभी यश बोल उठा... आज निखिल एक गाना सुनायेगा..! 

बाकी सब लोगो ने भी सुर में सुर मिलाया, सुनाओ निखिल.! 

निखिल सबको मना कर रहा था, तभी रूही की आवाज आई, सुना दो निखिल.. थोडा सा ही सही..! 

और निखिल अनायास ही गाने लगा... "


हमने देखी हैं, उन आंखो की महकती खुशबू, 

हाथ से छूके इस रिश्तो का इल्ज़ाम ना दो, 

प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम ना दो..!! 


©®sonnu Lamba ?


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