सबसे बड़े थे तुम....

रिश्ते सबसे बड़े होते हैं, हर परिस्थिति में साथ खड़े होते हैं।।

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Shubhangani Sharma
Shubhangani Sharma 11 Apr, 2022 | 1 min read
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World Siblings day

निःसंदेह..... 

मैंने हर सुख दुःख साझा नहीं किये तुमसे, 

फ़िर भी हर बार मेरा साथ देने खड़े थे तुम।।


मेरे बचपन के अपने बस तुम ही तो थे, 

हर सलोने सपने से भी परे थे तुम।।


मेरी नादानियां, मेरी ज़िद्द सब तुमसे ही तो थीं,

क्योंकि इस दुनिया से, सबसे बड़े थे तुम।।


याद नहीं मैं सही थी या थी ग़लत,

पर मेरे लिए दुनिया से लड़ने खड़े थे तुम।।


मेरी मुस्कुराहट को दुगुना करने के लिए, 

और मेरे अश्क़ों के आगे बाँध बन अड़े थे तुम।।


किसी से रिश्ते में छोटी तो किसी से बड़ी थी मैं

पर हर बार हर रिश्ते से भी बड़े थे तुम।।


गर्माहट लिए, ज़िन्दगी की सर्द राह में,

प्यार का अलाव लिए, मेरी राह में खड़े थे तुम।।


मेरे लिए निःसंदेह सबसे, 

सबसे और सबसे बड़े थे तुम।।

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